आरआरआरएलएफ डिजिटल प्रयास

विरल पुस्तकों का डिजिटलकरण जिसमें स्वाधीनता पूर्व अखबार, पत्रिकाएँ और सार्वजनिक पुस्तकालयों में रखे गये अन्य कागजात शामिल हैं, शुरू किया जाएगा और डिजिटल संग्रह केन्द्र सृजित किये जाएंगे ताकि डिजिटलकृत दस्तावेज सभी लाभार्थियों को दिया जा सके । चयनित स्वत्वाधिकार – नि:शुल्क सामग्री जिसमें चित्रकारी, तस्वीरें, पांडुलिपियाँ इत्यादि सार्वजनिक पुस्तकालयों में उपलब्ध हैं । इनका डिजिटलकरण किया जाएगा एवं लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा । राष्ट्रीय डिजिटल संग्रह केन्द्र धीरे-धीरे विकसित किया जाएगा जिसमें भारत के सार्वजनिक पुस्तकालयों में उपलब्ध सभी विरल सामग्रियों का मेटाडाटा तथा राष्ट्रीय डिजिटल संरक्षण कार्यक्रम के तहत स्वत्वाधिकार – नि:शुल्क कार्यों के डिजिटल वर्सन होंगे । इस डिजिटल संग्रह केन्द्र में पुस्तकालय, पुस्तकालय प्रणाली और सेवाएँ तथा भारत में पुस्तकालय विकास पर विषय वस्तुएँ होंगी ।

जारी परियोजना

पूरी परियोजना

बंगीय साहित्य परिषद

इस कार्य के लिए सी डैक को रवीन्द्र भवन, विश्व भारती के संग्रह को डिजिटलकरण का दायित्व दिया जा चुका है । 30 जून, 2013 को रवीन्द्र भवन के 8896 पत्रिकाओं / पुस्तकों का डिजिटलकरण कर चुका है । राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र प्राधिकारी को डिजिटल पुस्तकालय होस्टिंग के लिए अनुरोध किया गया है ।







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